पिता क्या हैं ?


* पके फल पेड़ों से रिश्ते तोड़ जाते हैं,
   और यदि पिता अपाहिज हो तो उसे बच्चे छोड़ जाते हैं।

             * पिता जीवन है संबल है शक्ति है,
                पिता सृष्टि के निर्माण की अभिव्यक्ति है।
                         पिता क्या हैं

* पिता अंगुली पकड़े बच्चों का सहारा है,
*पिता कभी खट्टा, मीठा, तो कभी खारा है।

* पिता ही पालन है पोषण है,
   पिता ही परिवार का अनुशासन है।

                 * पिता अप्रदर्शित अनंत प्यार है,
                    पिता है तो बच्चों का इन्तेजार है।

* पिता है तो बच्चों के ढेर सारे सपने है,
   पिता है तो बाजार के सब खिलौने अपने हैं।

                 * पिता से परिवार में प्रतिपल राग है,
                    पिता से ही माँ की बिंदी और सुहाग है।

* पिता परमात्मा का जगत के प्रति आशक्ति है,
   पिता गृहस्थ आश्रम में उच्च स्थिति की भक्ति है।
* पिता अपने इच्छाओं का हनन और परिवार की पूर्ति है,
    पिता रक्त में दिए गए संस्कारों की मूर्ति है।

                 * पिता एक जीवन को जीवन का दान है,
                    पिता दुनिया दिखाने का एहसान है।

                 * पिता सुरक्षा है अगर सिर पर हाथ है,
                    पिता अगर नही है तो बचपन अनाथ है।

* तो पिता से बड़ा तुम अपना नाम करो,
   पिता का अपमान नही उनपर अभिमान करो।

* क्योंकि, माँ बाप की कमी को कोई बाट नही सकता,
   और ईश्वर भी इनके आशीषों को काट नही सकता।

                 * विश्व मे किसी भी ईश्वर का स्थान दूजा है,
                    माँ बाप की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।

                 * विश्व मे किसी भी तरह की तीर्थ यात्रा व्यर्थ है,
                    यदि बेटे के होते हुए माँ बाप असमर्थ है।

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                                           " धन्यवाद "
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